"मानस का हंस" लेखक अमृतलाल नागर का प्रतिष्ठित बृहद उपन्यास है। इसमें पहली बार व्यापक कैनवास पर "रामचरितमानस" के लोकप्रिय लेखक गोस्वामी तुलसीदास के जीवन को आधार बनाकर कथा रची गई है, जो विलक्षण के रूप से प्रेरक, ज्ञानवर्धक और पठनीय है। इस उपन्यास में तुलसीदास का जो स्वरूप चित्रित किया गया है, वह एक सहज मानव का रूप है। यही कारण है कि "मानस का हंस" हिन्दी उपन्यासों में 'क्लासिक' का सम्मान पा चुका है और हिन्दी साहित्य की अमूल्य निधि माना जाता है। नागर जी ने इसे गहरे अध्ययन और मंथन के पश्चात अपने विशिष्ट लखनवी अन्दाज़ में लिखा है। बृहद होने पर भी यह उपन्यास अपनी रोचकता में अप्रतिम है।
Product details
Publisher : Rajpal & Sons (Rajpal Publishing); 2014th edition (24 July 1997); Rajpal and Sons; Address - 1590 Madarsa Road, Kashmere Gate, Delhi - 110006; Ph - +911123869812
Language : Hindi
Hardcover : 380 pages
ISBN-10 : 8170282497
ISBN-13 : 978-8170282495
Item Weight : 913 g
Dimensions : 20.32 x 12.7 x 1.27 cm
Net Quantity : 1 count
Packer : Rajpal and Sons; Address - 1590 Madarsa Road, Kashmere Gate, Delhi - 110006; Ph - +911123869812
Generic Name : Book
Best Sellers Rank: #31,304 in Books (See Top 100 in Books)
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