वैशाली की नगरवधू एक क्लासिक उपन्यास है जिसकी गणना हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में की जाती है। इस उपन्यास के संबंध में आचार्य चतुरसेन जी ने कहा था:- ‘‘मैं अब तक की अपनी सारी रचनाओं को रद्द करता हूँ और वैशाली की नगरवधू को अपनी एकमात्र रचना घोषित करता हूँ।’’ इसमें भारतीय जीवन का एक जीता-जागता चित्र अंकित है। उपन्यास का मुख्य चरित्र स्वाभिमान और दर्प की साक्षात मूर्ति, लोक-सुन्दरी अम्बपाली, जिसे बलात् वेश्या घोषित कर दिया गया था, और जो आधी शताब्दी तक अपने युग के समस्त भारत के सम्पूर्ण राजनीतिक और सामाजिक जीवन का केंद्र-बिंदु बनी रही|
Product details
Publisher : पेंगुइन बुक्स इंडिया (1 January 2019)
Language : Hindi
Paperback : 352 pages
ISBN-10 : 9353490006
ISBN-13 : 978-9353490003
Item Weight : 260 g
Dimensions : 20 x 14 x 4 cm
Country of Origin : India
Best Sellers Rank: #161,509 in Books (See Top 100 in Books)
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